dil karta hai ( Nazm )

लहू दिल से खरोंच लू
दिल करता है
क़त्ल हो जाना मुश्किल है
कौन कहता है ?
टूट के बिखर जाये कभी
उस दहलीज़ पे जाकर
रश्क हो जाये उन्हें मुझपे
मन होता है |
बेशुमारी शामिल थी
हर चीज़ में अपनी
बेहयाई भी होती कुछ
कितना सहता है ?

H.P.RAHI

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