hasarato ke chirag ( shayri )
बस एक उल्फत ने धुआ कर दिए मेरे हसरतो के चिराग ,
कभी तूफ़ान से कश्ती बचाना इतना आसान तो न था | H.P.RAHI
बस एक उल्फत ने धुआ कर दिए मेरे हसरतो के चिराग ,
कभी तूफ़ान से कश्ती बचाना इतना आसान तो न था | H.P.RAHI
हमारे गुनाहों की दास्ताँ लिख रहा हूँ मैं ,
कभी जीत तो कभी हार लिख रहा हूँ मैं ,
मेरे गुनाहों को माफ़ करने वाले ,
मुझ पर कर न सके जो तुम , वोह करम लिख रहा हूँ मैं |
wow nice yar kasti ko bacha liya great