kaise..
पल पल याद का एहसास उन्हें दिलाएं कैसे
अपने ख्यालों की तस्वीर उन्हें दिखाएं कैसे
उनसे मिलने के बाद जुदाई को समझा है हमने
अपनी बेचैनी को शब्द हम पहनाएं कैसे|
DT
पल पल याद का एहसास उन्हें दिलाएं कैसे
अपने ख्यालों की तस्वीर उन्हें दिखाएं कैसे
उनसे मिलने के बाद जुदाई को समझा है हमने
अपनी बेचैनी को शब्द हम पहनाएं कैसे|
DT
हमारे गुनाहों की दास्ताँ लिख रहा हूँ मैं ,
कभी जीत तो कभी हार लिख रहा हूँ मैं ,
मेरे गुनाहों को माफ़ करने वाले ,
मुझ पर कर न सके जो तुम , वोह करम लिख रहा हूँ मैं |
teri bechaini ki saase itni tez hai,
unhe shabdo ki jaroorat nahi,
teri khushboo main dur se hi pahchan leta hoo. H.P.Rahi