Salaam Jaipur ( Shayri )
इस शहर की हवाओ ने मुझसे गले लग कर कहा ,
देख जितने ख्वाब तू, मिल के हम पुरे करेंगे |
जिंदगी एक जश्न है और जश्न यह खुलकर करेंगे |H.P.RAHI
इस शहर की हवाओ ने मुझसे गले लग कर कहा ,
देख जितने ख्वाब तू, मिल के हम पुरे करेंगे |
जिंदगी एक जश्न है और जश्न यह खुलकर करेंगे |H.P.RAHI
हमारे गुनाहों की दास्ताँ लिख रहा हूँ मैं ,
कभी जीत तो कभी हार लिख रहा हूँ मैं ,
मेरे गुनाहों को माफ़ करने वाले ,
मुझ पर कर न सके जो तुम , वोह करम लिख रहा हूँ मैं |
this one is masterpiece keep trying
Viren Pandya