Posts Tagged ‘ shayri ’
हमारे गुनाहों की दास्ताँ लिख रहा हूँ मैं , कभी जीत तो कभी हार लिख रहा हूँ मैं , मेरे गुनाहों को माफ़ करने वाले , मुझ पर कर न सके जो तुम , वोह करम लिख रहा हूँ मैं | [ READ MORE ]
बहोत देर तक अंदाजा लगाते रहे , वोह आयेंगे किस ओर से दिल में , ज़िन्दगी ऐसे ही ख्याल बुनती रही , वोह आए और आकर चले गए , हम बस बहोत देर तक अंदाजा ही लगाते रहे | [ READ MORE ]