yaad aaya na karo ( Ghazal )

तुम इतना मुझे याद आया न करो
दिल बड़ा कमजोर है, इस तरह बुलाया न करो

साँसों का सफ़र बाकि है ज़रा सा ही और
उन पुराने वास्तो की धूल यु उडाया न करो

क़र्ज़ रातो के अभी बाकि है बहोत सारे
आकर यु ख्वाबो में तुम मुझको जगाया न करो

मेरी गजलो के हर्फ़ है सब हाँफते हुए,
ये बाते तुम युही हँसी में उड़ाया न करो | H.P.RAHI

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