baras..

बरस बरस के बरस गया..
तुझसे मिलने को दिल तरस गया..
जानता हूँ आस पास ही है तू कहीं..
युहीं बीत जाता है एक बरस नहीं..
नजदीकिया नहीं अब मुझे तू साथ दे..
जिसके लिए हूँ तरसा अब वो मुलाक़ात दे|

DT

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