jine ke bahane bahot hai ( Shayri )

दिल रोता है , होंठ मुस्कुराते है ,
मुस्कुराने के बहाने बहोत है |
मायूस हो जाता हु रोज मगर ,
जीने के बहाने बहोत है |H.P.RAHI

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