khajana

उडी है धुप , उस गुफा की तरफ , जिसका नाम दिल पड़ा था ,
तेरे नाम से जब भी सहर खोलता हूँ मैं ,
कुछ दिल के खजाने मैं कैद करता हूँ मैं |H.P.RAHI

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