mausam..

बदली मचल गयी है..
या कोशिश तेरी मेरे ओर आने की
याद दिला रहा है मौसम…
हमे उस बीते ज़माने की
इक पल बीता नहीं तेरे बिन..
आज खबर नहीं अरसा बीत जाने की
क्यूँ मानता नहीं सच्चाई को..
आस है आज भी तेरे घर आने की

DT

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