My First Ghazal

सबकी सांसे सबका जीवन , मेरा जीवन तुम ही साजन |

मेरा क्या है , क्या मैं बताऊ , मेरा जीवन तेरा साजन |

भंवरा जैसे फूल बिना है , मेरा जीवन तुम बिन साजन |

देर लगी क्यो तुमको इतनी ,तेरी तलाश में भटका जीवन |

बहुत तलाशा मैंने इसको , तुझमे मिला है मेरा जीवन |

H.P.RAHI

1 thought on “My First Ghazal”

  1. आज जब आँसू की एक बूँद हथेली पर गिरी,
    यादों की एक झलक सी दिखी,
    एक पल लगा की तुम हो,
    फिर सोचा, तुम मेरे दिल के बाहर आ कैसे सकते हो |

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