Deewanagi (Song)

उनकी एक अदा पर हम क्या कर गए ,
दीवानगी की हद से हाय गुज़र गए |

उनसे नज़रे मिले कब , दिल ये बातें सोचे अभी ,
इस आशिकी के रास्तो से, कैसे गुज़रे यह सोचे अभी ,
आँख भी ना लगे अब , कैसे कांटे यह राते सभी ,
नही होश में थे , कहा जा रहे थे ,
नही थी हमको ख़बर , क्यों गा रहे थे ,
के पागल हुए हम अभी , जो हदों से गुज़र गए |

उनकी एक अदा पर हम क्या कर गए ,
दीवानगी की हद से हाय गुज़र गए |

उनकी शोखियों से हम थे थोड़े अजनबी ,
वफाओ से टकरा गए हम , सोचे थे जो न कभी ,
क्या होती है मुहब्बत , यह हमने था न जाना कभी ,
यकीन पा रहे थे या शरमा रहे थे ,
सुकून मिल रहा था , जो दिल पा रहे थे ,
के बातें करते , मुस्कुराते , वादे कर गए |

उनकी एक अदा पर हम क्या कर गए ,
दीवानगी की हद से हाय गुज़र गए |

H.P.RAHI

One of My Favourite ( Ghazal )

शुक्रिया के हमारे अंजुमन में आप आए है ,

सब ओर बरस रहे है जलवे , के सरकार आए है |

तुम्ही से रोशन हर महफिल , तुम्ही से रोशन हर लम्हा ,

के आज की शब रौशनी में नहाने यहाँ महताब आए है |

सरफरोशी कि तमन्ना थी हमारे दिल में भी ,

मगर अब करेंगे गुलामी आपकी , के आप शम्मे बहार लाये है |

दास्ताने सिफर सुनाते थे जो पैमाने कभी ,

वोह आज ख़ुद नशे में डूबने कि गुहार लाये है |

अंजुमन – सभा , शब् – रात , महताब – चाँद , सिफर – शुन्य |

H.P.RAHI

My First Ghazal

सबकी सांसे सबका जीवन , मेरा जीवन तुम ही साजन |

मेरा क्या है , क्या मैं बताऊ , मेरा जीवन तेरा साजन |

भंवरा जैसे फूल बिना है , मेरा जीवन तुम बिन साजन |

देर लगी क्यो तुमको इतनी ,तेरी तलाश में भटका जीवन |

बहुत तलाशा मैंने इसको , तुझमे मिला है मेरा जीवन |

H.P.RAHI