Salaam Jaipur ( Shayri )

इस शहर की हवाओ ने मुझसे गले लग कर कहा ,
देख जितने ख्वाब तू, मिल के हम पुरे करेंगे |
जिंदगी एक जश्न है और जश्न यह खुलकर करेंगे |H.P.RAHI

1 thought on “Salaam Jaipur ( Shayri )”

Leave a Reply

Your email address will not be published.