tareef ( Ghazal )

तेरी आँखों ने यह जो कह दिया ,
बस इसको ही मैंने शायरी नाम रख दिया |

तालियाँ बजी थी , तारीफे थी मेरी ,
तेरा नाम जो मैंने महफिल में कह दिया |

जिस रात दिखा था तेरा चेहरा ,
उस रात को मैंने चौदहवी कह दिया |

तुम भी बन जाओगे मशहूर शायर ,
मेरी तरह जो तुमने उनको सुन लिया |

H.P.RAHI

Leave a Reply

Your email address will not be published.