uljhan

कुछ अरसा बीत गया है..कुछ लम्हे रह गए हैं..
जाने इस ख़ामोशी में हम क्या कह गए हैं..
सुनते आये हैं लोगो से अक्सर ये हम..
वक़्त की करवट में बहुत दम है..
वक़्त ने बदल डाला इतना कुछ…
हम नहीं जाने, हम बदले या वही रह गए हैं|

DT

2 thoughts on “uljhan”

  1. कुछ अरसा बीत गया है..कुछ लम्हे रह गए हैं..
    जाने इस ख़ामोशी में हम क्या कह गए हैं..
    सुनते आये हैं लोगो से अक्सर ये हम..
    वक़्त की करवट में बहुत दम है..
    वक़्त ने बदल डाला इतना कुछ…
    हम नहीं जाने, हम बदले या वही रह गए हैं|

    yaar isake baad alfaaz nahi kahane ko, very good ………….

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